समारोंको के संरक्षण एवं सुरक्षा हेतु अधिनियम एवं नियम


स्मारोंको के संरक्षण एवं सुरक्षा हेतू अधिनियम एवं नियम निम्नलिखित है।
The Ancient Monuments, Archaeological Sites and Remains to Act. 1958
The Ancient Monuments Archaeological Sites and Remains Rules, 1959
The Antiquities and Art Treasure Act, 1972
The Antiquities and art Treasure Rules, 1973.
The Ancient Monuments, Archaeological Sites and Remains (Amendment and Validation) Act. 2010
The Ancient Monuments, Archaeological Sites and Remains (Amendment and Validation) Rule 2010


घोषित संरक्षित स्मारक की घेराबंदी (Boundary Wall) से चारो दिशा में 100 मीटर एवं 100 मीटर से 200 मीटर तक नोटिस लगायें है। नोटिस में जनताओं के लिये सूचनाएं दिये गये, जिसका संक्षिप्त बौरा निम्न प्रकारका है।

नोटिस-I
आप इस संरक्षित स्मारक के 100 मीटर के निविदा क्षेत्र में है।
एतद्द्वारा यह जनता के नोटिस में लाया जाता है कि प्राचीन संस्मारक तथा पुरातत्वीय स्थल एवं अवशेष (संशोधन तथा विधि मान्यकरण) अधिनियम, 2010 द्वारा यथा संशोधित प्राचीन संस्मारक तथा पुरातत्वीय स्थल एवं अवशेष अधिनियम, 1958 के प्रावधान के अनुसार इस स्मारक सहित संरक्षित स्मारक की 100 मीटर की सीमाओं के भीतर आनेवाल क्षेत्र निर्माण के प्रयजनों के लिए ''निषिध्द क्षेत्र'' के रूप में घोषित किया गया है।

यह भी जनता के ध्यान में लाया जाता है। कि 'निषिध्द क्षेत्र' में निर्माण या विनियमित क्षेत्र में पूर्व अनुमति के बिना निर्माण करने के संबंध में इस अधिनियम का उलघंन करने पर कारावास या दण्ड दिया जा सकता है। जिसे बढ़ाकर दो वर्ष या एक लाख रूपए का जुर्माना या दोनों किये जा सकते है।

आदेश द्वारा
भारत सरकार



नोटिस-II

आप इस संरक्षित स्मारक के 200मीटरकेविनियमितक्षेत्रमेंहै।
एतद्द्वारा जनता के नोटिस में लाया जाता हैं कि प्राचीन संस्मारक तथा पुरातत्ववीय स्थल एवं अवशेष (संशोधन तथा विधि मान्यकरण) अधिनियम 2010 द्वारा यथा संशोधित प्राचीन संस्मारक तथा पुरातत्ववीय स्थल एवं अवशेष अधिनियम 1958 के प्रावधान के अनुसार इस स्मारक की निबिध्द क्षेत्र की सीमाओं से 200 मीटर के क्षेत्र को ''विनियमित क्षेत्र'' के रूप में घोषित किया गया है जहां इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार प्रदान की गई पूर्व अनुमति के प्रष्चात ही निर्माण किया जा सकता है।

यह भी जनता के ध्यान में लाया जाना है कि 'निषिध्द क्षेत्र' में निर्माण करने के संबंध में इस अधिनियम का उल्लघंन करने पर कारावास का दण्ड दिया जा सकता है। जिसे बढ़ाकर दो वर्श का कारावास या एक लाख रु.काजुर्मानायादोनोंकियेजासकतेहै।

आदेश द्वारा
भारत सरकार